हैप्पी बर्थडे किंग। 477 इंटरनेशनल मैच...24,350 रन वक्त की सबसे बड़ी खासियत है कि वह बदलता जरूर है। आज से ठीक 1 साल पहले 2021 T-20 वर्ल्...
हैप्पी बर्थडे किंग। 477 इंटरनेशनल मैच...24,350 रन वक्त की सबसे बड़ी खासियत है कि वह बदलता जरूर है।
आज से ठीक 1 साल पहले 2021 T-20 वर्ल्ड कप के समय चारों तरफ घना अंधियारा था। सवाल इतना सा था कि विराट खुद कप्तानी छोड़ेंगे या उन्हें BCCI हटा देगा। सदी के महानतम खिलाड़ी ने वक्त की नजाकत को समझा और T-20 वर्ल्ड कप,2021 के बाद T-20 इंटरनेशनल में कप्तानी छोड़ने का ऐलान कर दिया। हर फैन यह महसूस कर सकता है कि विराट के ऊपर कितना ज्यादा दबाव रहा होगा, जो वर्ल्ड कप जैसे महत्वपूर्ण आयोजन के पहले उन्हें यह ऐलान करने पर मजबूर होना पड़ा।
इस ऐलान का नतीजा यह हुआ कि बीसीसीआई और चयनकर्ता मिलकर वर्ल्ड कप से पहले नया कप्तान ढूंढने में लग गए। हर दिन 4 नए नाम सामने आते थे। खिलाड़ियों की गुटबाजी की खबरें छन-छन कर बाहर आने लगीं। साफ हो गया कि प्लेयर्स का ध्यान उस शिद्दत से वर्ल्ड कप जीतने पर नहीं है। नतीजा सामने था,
पाकिस्तान ने भारत को 10 विकेट से हरा दिया। एक छोर पर विराट अकेले डटे रहे और 57 रन बना दिए। दूसरे छोर से कहीं कोई नहीं था। जब भारत ग्रुप स्टेज से ही वर्ल्ड कप से बाहर हो गया तो फिर एक बार विराट को निशाने पर लिया गया। मौका देखकर बीसीसीआई ने उनसे वनडे कप्तानी भी छीन लिया। जबकि किंग ने यह साफ किया था कि वह 2023 ODI वर्ल्ड कप तक टीम इंडिया की कमान संभालना चाहते हैं।
पर उनकी पीठ पर छुरा मारते हुए यह ऐलान कर दिया गया। बतौर कप्तान इतिहास में जिस खिलाड़ी ने हिंदुस्तान को सबसे ज्यादा मैच जिताए, उनके साथ ऐसा बर्ताव तो कोई दुश्मन देश भी नहीं करता। पर हिंदुस्तान में ही कोहली को वह सब देखना पड़ा, जो शायद उन्होंने सपनों में भी नहीं सोचा होगा। एक बार कप्तानी छीन ली गई तो T-20 टीम में विराट की जगह पर अटैक हुआ।
आज जितने भी पत्रकार किंग की तारीफ में कसीदे पढ़ रहे हैं, उनके पुराने बयान उठाकर देखिएगा तो आंखों से दर्द में आंसू बह निकलेगा। बड़े खिलाड़ी की पहचान होती है कि आलोचकों को जवाब जुबान से नहीं बल्ले से देता है। रोहित शर्मा एक शानदार खिलाड़ी हैं और उनसे विराट का रिश्ता भी काफी मजबूत है।
यहां पर सवाल रोहित का नहीं बल्कि सौरव गांगुली के उस बयान का है, जब वह कहते हैं कि इस बार भारत टी-20 वर्ल्ड कप जरूर जीत जाएगा क्योंकि रोहित शर्मा कप्तानी कर रहे हैं जिन्होंने 5 बार आईपीएल जीता है। ऐसा बोलकर अब भी कहीं ना कहीं सौरव किंग पर निशाना साधने की कोशिश कर रहे हैं।
आंकड़े उठाकर देख लीजिए...! T-20 वर्ल्ड कप 2022 के 4 मुकाबलों में 220 की औसत से सबसे ज्यादा 220 रन...! पाकिस्तान के सामने 160 चेज करते जब हुए टॉप 4 बल्लेबाज 31 रनों पर पवेलियन लौट गए थे, तब विराट ने ही भारतीय पारी को संभाला था। नीदरलैंड और बांग्लादेश के खिलाफ भी मैच विनिंग नॉट आउट फिफ्टी..! बात सीधी सी है।
विराट की कप्तानी में खिलाड़ियों ने उस तरह का प्रदर्शन नहीं किया, जैसा प्रदर्शन आज किंग रोहित की कप्तानी में करके दिखा रहे हैं। अकेले के दम पर टीम इंडिया को मुकाबले जिता रहे हैं। इसके लिए भी जिम्मेदार उस वक्त का बीसीसीआई का मैनेजमेंट ही है, जिसने वर्ल्ड कप से ठीक पहले सारा फोकस जीत की बजाय नए कप्तान के सिलेक्शन की तरफ कर दिया।
यह
तय है कि भारत इस बार का T-20 वर्ल्ड कप जरूर जीतेगा लेकिन इसमें सबसे बड़ी
भूमिका विराट कोहली की होगी। विराट ने हमेशा देश के लिए निःस्वार्थ भाव से
बल्लेबाजी की है। स्वीकार करो कि विराट की कप्तानी में भी भारत वर्ल्ड कप
जीत जाता, अगर साजिशों का तूफान नहीं आता।



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